नपुंसकता एवं डायबीटीस

मेरा विवाहित जीवन सुखी रहे ऐसी आकांक्षा सभी शादीशुदा लोंगो की रहती है | हर कोई चाहता है कि शादी के बाद मैं, मेरी पत्नी मेरे बच्चे सब सुखी एवं पति-पत्नी को आपस में पूरी तरह जोड़ने में कामशक्ति का अन्य विषयों के अलावा एक विशेष महत्व है | परंतु कभी-कभी पुरुष की कामशक्ति कई विभिन्न कारणों से कम हो जाती है, जिसमें कि स्त्री को पूर्ण संतुष्टि नही मिलती | फलस्वरूप पति-पत्नी में मनमुटाव शुरू हो जाता है | कामशक्ति को कम करने के कई कारणों में डायबीटीस एक मुख्य कारण है | अन्य कारणों में जैसे, अधिक उम्र का होना, नींद लाने वाली या ब्लड प्रेशर कम करने की दवाइयों का सेवन, धमनीकाठीन्य, ह्रदयविकार, थायरॉइड, हारमोन्स में असंतुलन इत्यादि का होना अधिक समय तक एवं ज़्यादा मात्रा में सिगरेट पीना, नशा करना अथवा शराब पीना, मानसिक विकारों की दवाईयों का सेवन करना अथवा लिंगेंद्रिय पर या आसपास की नाड़ीयों पर चोट लगना इत्यादि विभिन्न कारण हैं | आयुर्वेदानुसार अत्यधिक हस्तमैथुन, अप्राकृतिक रूप से अत्यधिक वीर्यनाश करना इत्यादि से भी कामशक्ति का ह्रास अर्थात नपुंसकता होती है |

आदमी बचपन से ही संघर्ष करता है कि मैं बड़ा आदमी बन जाऊँ मेरे पास अच्छा मकान हो, अच्छा धंधा हो, अच्छा रुपया पैसा हो, अच्छी बीवी मिल जाएँ एवं बच्चे हो जाये | इसी चक्कर में मेहनत करते करते लोग बड़ी उम्र में पहुँच जाते हैं और जब सभी कुछ मिल जाता है तो उनमें से कुछ लोग डायबीटीस का शिकार हो जाते हैं, एवं वे विवाहित जीवन का पूर्ण सुख भोगने से वंचित रह जाते हैं |

कुछ लोगों की कहानी ऐसी भी होती है कि जवानी तो निकल गई पैसा कमाते कमाते, फिर बच्चों को पढ़ने के लिए, फिर बच्चों की शादी के चक्कर में उम्र निकल गई | मकान छोटा था, घर के लोग ज़्यादा थे फिर बच्चे भी बड़े हो गये | पत्नी से संबंध बनाने का ज़्यादा समय नहीं मिलता था या फिर एकांत का मौका ही नही मिलता था | जिस प्रकार से संबंध का आनंद भोगना चाहते थे जैसे कि टीवी वगैरह चलाकर या मॅगॅजिन वगैरह देखते हुए वैसा आनंद नही भोग सके | जब सब कुछ ठीक हो गया | मकान भी बड़ा हो गया, अपना रूम भी अलग हो गया | रूम में टीवी भी आ गया, बच्चे भी बड़े हो गये या उनकी शादी हो गई | एकांत भी मिलने लगा, तो दुर्भाग्यवश बड़ी उम्र के साथ साथ डायबीटीस के चलते संभोग करने की शक्ति भी कम हो गई | या बिलकुल ख़त्म हो गई |

डायबीटीस में यह ज़रूरी नहीं कि कामशक्ति एकदम से ही ख़त्म हो जायेगी | आमतौर पर 4-5 वर्षों में धीरे-धीरे ताक़त कम हो जाती है, और समय के साथ-साथ एक उम्र ऐसी आती है कि आप कभी संबंध बनाने के बिल्कुल लायक नहीं रहते | ‘ यानि कि डायबीटीस जन्य पूर्ण नपुंसकता ‘ |

हमारे समाज में एक और बड़ी विडम्बना यह है कि काम संबंधी विषय पर हम खुलकर बातचीत भी नहीं कर सकते | यहाँ तक कि अपने ख़ास मित्र या रिश्तेदार से भी नहीं क्योंकि हमें अपनी बदनामी का डर रहता है और प्रायः ऐसी होता भी है कि अगर किसी को हम इस विषय पर ग़लती से बता भी दें तो रास्ता दिखाने की बजाय हमेशा मज़ाक ही उड़ाएगा | बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने फॅमिली डॉक्टर को बताने कि हिम्मत जुटा पाते हैं | आमतौर पर मन में विचार रहता है कि अगर मैने किसी से बात की तो लोग क्या कहेंगे कि इतनी उम्र हो गई बच्चे भी बड़े बड़े हो गये और इसको अभी भी सेक्स की इच्छा रहती हैं | पति अपने पत्नी से कटना शुरू कर देते हैं | प्रायः रात को घर लेट आना या रात को जल्दी ही सो जाना ताकि पत्नी से ज़्यादा सामना न हो | और इस तरह, धीरे-धीरे पति पत्नी का यौन संबंधी रिश्ता ख़त्म हो जाता है | इससे लम्बे समय तक परहेज होने से स्त्री के मन में कुंठा होने लगती है, उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है पुरुष को आदरभाव से नहीं देखती | दिनरात घर में क्लॅश रहने लगता है एवं कभी कभी तो बात तलाक़ तक भी पहुँच जाती है |

डायबीटीस जन्य नपुंसकता में कुछ पुरुषों को काम की इच्छा ( स्त्री से संबंध बनाने की इच्छा ) तो बहुत होने लगती है, परंतु संबंध बनाने के समय पूर्ण नाकामी रहती है कुछ पुरुषोंको उत्तेजना तो रहती है परंतु इतनी कम उत्तेजना होती है कि वे पूर्ण रूप से संबंध नहीं बना पाते | कुछ डायबीटीस वाले पुरुषों को समय पर उत्तेजना नहीं आती यानि कि जब वे संबंध बनाना चाहते हैं उस समय उत्तेजना नहीं आती परंतु असमय रात को सोते समय या एकदम सुबह 4/5 बजे उत्तेजना रहती है उस समय जब तक वे स्त्री को जगाकर संबंध बनाने की तैयारी करते हैं उससे पहले ही शिथिलता आ जाती है | कुछ लोगों की इन्द्रिय में पूर्णतया कठोरता भी नहीं रहती एवं संबंध बनाने से पहले ही धातुस्त्राव हो जाता है, एवं अंत में जिन लोगों को बहुत कमज़ोरी हो जाती है या कई वर्षो से डायबीटीस होती है तो उनको कभी-कभी पूर्ण शिथिलता आ जाती है जिसमें की संबंध बनाने के बारे में सोच भी नहीं सकते |

डायबीटीस के कारण हुई नपुंसकता की चिकित्सा करना कठिन कार्य है, जिन पुरुषों को थोड़ी कुछ उत्तेजना रहती है वे थोड़ा बहुत कभी-कभी संबंध बना लेते हैं, उनको तो औषधियों से लाभ मिल जाता हैं | परंतु कुछ पुरुष जिनकी हिस्ट्री रहती है कि पिछले कुछ महीनो या सालों से बिल्कुल भी संबंध नहीं बना सके वे लोग, V-Pump नामक उपकरण आन्तराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा बनाया गया है इस उपकरण से आप प्रायः जब चाहें जहाँ चाहें स्त्री से संबंध बना सकते हैं इसमें न कोई Side-Effect होता है न दवाई खानी पड़ती है | इसका प्रयोग डायबिटिक पेशेंट, हार्ट के पेशेंट, किड्नी के पेशेंट, ब्लडप्रेशरवाले, बड़ी उम्रवाले सभी लोग सफलतापूर्वक कर सकते हैं V-Pump उपयोग करके पेशेंट अच्छी तरह से अपने विवाहित जीवन का आनंद भोग सकता है | जब ज़रूरत रहती है तो सिर्फ़ इस बात की कि वह अपनी झिझक एवं संकोच छोड़कर किसी गुप्तरोग विशेषग्य से मिलें ताकि उसकी परेशानी समाप्त हो जाये |